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शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

आमाल !!!

बहुत इज़्ज़त से लोग घर बुलाते हैं,
कभी ग़रीब की बस्ती से गुज़र के देखिये !
वो मुख़्तसर असबाब में मुतमईन रहते हैं,
आप भी कभी थोड़े में सब्र करके देखिये !

लिबास-ओ-कलाम की इता'अत न कीजिये,
है ज़रूरी कि आमाल भी रहबर के देखिये !
मुआशरे की कुछ जिम्मेदारियां आप पर भी हैं,
अपनी ऊंची कुर्सी से कभी उतर के देखिये !

हसरतें दिल में दो जहाँ की तो रखिये,
दायरे भी ज़मीर की चादर के देखिये !
हर ख़्वाब को ताबीर मिल जायगी 'फ़राज़',
अपने शौक़ को अपना हुनर कर के देखिये !

|||फ़राज़|||

मुख़्तसर= Brief, concise, short.
असबाब= Belongings, Wordly goods.
मुतमईन= Satisfied, Tranquil.
लिबास= Apparel, Dress.
कलाम= Words, Speech, Talk.
इता'अत= Obedience, Submission, Follow.
आमाल= Deeds, Conduct, Behaviour, Act.
रहबर= Guide, Conductor.
मुआशरा= Society.
हसरत= Desire
जहाँ= The world, Universe, Earth.
दायरा= Purview, Circumference, Limit.
ज़मीर= Mind, Heart, Concience. 
ताबीर= Interpretetion of dream.
शौक़= Fondness, Ardour.
हुनर= Art, Skill, Knowledge.

रविवार, 5 नवंबर 2017

हस्ती !!!

तू धूल चढ़ा रहा था मुझपर लेकिन
देख हवा चली और मैं ग़ुबार हो गया !

तू फेंकता रहा मुझपर कंकर पत्थर
मैं हुनरमंद था, देख मैं मीनार हो गया !

क़फ़स न क़ैद कर सकी मेरी आवाज़ को
एक कलम के ज़रिये मैं अख़बार हो गया !

मुझको आता है हुनर तूफ़ान से खेलने का
चिंगारी था मैं, आँधियों में अंगार हो गया !

एक तू कि अपनों को भी मरहम न दे सका 
एक मैं कि ग़ैरों का भी ग़मख़्वार हो गया !

मैंने सुना था कि इश्क़ है ज़रिया सवाब का
हसरत-ए-सवाब में मैं गुनाहगार हो गया !

आज फ़िर शहर में हमारा चर्चा क्यूँ है
क्या कोई ख़बरनवीस मेरा यार हो गया !

वो बेचता रहा हस्ती शोहरत के बाज़ार में
देख मेरे कलाम ख़ुद मेरा इश्तिहार हो गया !

बस पड़ोसी के लिए दुआ ही तो की थी
क्यूँ भला मैं वतन का ग़द्दार हो गया !

ये ज़िन्दगी तो सदा किराए का घर रही
ज़ेर-ए-कब्र तो मैं भी ज़मींदार हो गया !

|||फ़राज़|||

ग़ुबार= Dust Storm.
हुनरमंद= Skilled
मीनार= Minaret.
क़फ़स= Prison, Cage.
कलम= Pen.
हुनर= Skill. Art, Knowledge.
चिंगारी= Spark, Scintilla.
मरहम= Ointment, Remedy.
ग़ैर= Stranger,
ग़मख़्वार= Consoler. Sympathizer.
इश्क़= Love.
सवाब= Reward of good deeds
हसरत-ए-सवाब= Desire of the reward for good deeds
गुनाहगार= Sinner, Guilt, Criminal, Culprit.
शहर= City.
चर्चा= Gossip, Rumor.
ख़बरनवीस= Journalist
यार= Friend
हस्ती= Existence, Life.
शोहरत= Fame, Renown.
बाज़ार= Market
कलाम= Word, Speech,
इश्तिहार= Advertisement, Notification.
ग़द्दार= Disloyal, Traitor.
ज़ेर-ए-कब्र= Under the Grave
ज़मींदार= Landlord