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शनिवार, 24 मार्च 2018

!!! मयकशी !!!

न रख हिसाब अब तू हर एक जाम का,
ये सिलसिला तो है अब हर एक शाम का !

अब ज़हन की सुनूँ मैंया मयकशी करूँ मैं,
एक मस'अला रु-ब-रु है दिल के आराम का !

क्या ख़ूब तिश्नगी हैदरकार बे-ख़ुदी है,
कर एहतिमाम अब तो बादा-ओ-जाम का !

तूने ही ग़म दिए हैंमरहम भी अब तू ही दे,
मुझको पता बता दे साक़ी-ओ-जाम का !

मय-कश करे दुआ तो, सुनता नहीं ख़ुदा है,
अब क्या जवाब दूँ मैं तेरे सलाम का !

तकलीफ़ न अब कोई हैग़म याद अब नहीं है,
होश-ओ-हवास इतना भी किस काम का !

तू कोशिश जारी रखऔर सब्रदारी रखा,
बेशक़ जवाब आएगा तेरे सलाम का !

मुझको कहो बुरा पर मुझको सुना करो तुम,
इंसान तो ग़लत है 'अल्फ़ाज़', शायर है काम का !

||| अल्फ़ाज़ |||

हिसाब= Account
जाम= Reply To The Glass Of Wine
सिलसिला= Chain, Series, Succession
ज़हन= Mind
मयकशी= Boozing, To Drink
मस'अला= Problem, Matter
रु-ब-रु= Face To Face
ख़ूब= Good, Pleasant
तिश्नगी= Thirst, Desire, Longing
दरकार= Necessary, Required
बे-ख़ुदी= Intoxication
एहतिमाम= Preparation, Planning
बादा-ओ-जाम= Wine And Glass
ग़म= Grief, Sorrow
मरहम= Ointment
साक़ी-ओ-जाम= One Who Serves Wine-And-Glass Of Wine 
मय-कश= Drinker
जवाब= Answer, Reply
सलाम= Is An Arabic Word That Literally Means" Peace", But Is Also Used As A General Greeting,
तकलीफ़= Trouble, Difficulty
होश-ओ-हवास= Sense And Understanding, The Presence Of Mind
कोशिश= Effort, Attempt, Try
जारी= Running, Flowing, Proceeding, Continue
सब्रदारी= Patience
बेशक़= Definite, Doubtless

बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

!!! रंग-ए-हिना !!!

रंग-ए-हिना तो वही रहता है लेकिन,
नक्श-ए-हिना में क्यूँ नाम बदल जाते हैं !

पहचानी सी लिखावटअजनबी सा मज़मून,
कि हाल न पूछिये जब पैग़ाम बदल जाते हैं !

 ग़म-ए-यार, कभी तू भी बदल के मिल,
फ़िलहाल तो बस साकी-ओ-जाम बदल जाते हैं !

मैं कब तलक बेगुनाही के सबूत देता रहूँ,
हर दफ़ा मुझपर इल्ज़ाम बदल जाते हैं !

राज़-ए-हस्ती उनको बताया तो ये सीखा हमने,
राज़ खुलते हैं तो आदाब-ए-एहतराम बदल जाते हैं !

तू नुमाईश न कर अपने दिल के टुकड़ों की,
टूटी-फूटी चीज़ों के तो दाम बदल जाते हैं !

बेशक दुश्मनों से भी सलाम-दुआ रखनी चाहिए,
जब हुकूमत बदलती है तो निज़ाम बदल जाते हैं !

मंज़िल-ए-मक़्सूद नहीं मिलती इश्क़वालों को,
कभी मीरा बदल जाती है, कभी श्याम बदल जाते हैं !

मैंने भी कभी किसीको ख़ुदा माना था 'फ़राज़',
इश्क़ में तो ख़ुदाओं के भी मक़ाम बदल जाते हैं !

||| फ़राज़ |||
रंग-ए-हिना= Color/Complexion Of Henna.
नक्श-ए-हिना= Design/Impression Of Henna
अजनबी= Stranger, Unknown
मज़मून= Composition, Subject Matter.
हाल= Condition
पैग़ाम= Message
ग़म-ए-यार= Sorrow Of Beloved
फ़िलहाल= As Of Now, At Present
साकी-ओ-जाम= One Who Serves Wine And Glass Of Wine 
बेगुनाही= Innocence, Without Sin.
सबूत= Evidence.
दफ़ा= Time
साबित= Prove
इल्ज़ाम= Blame Accusation.
राज़-ए-दिल= Secret Of The Heart
आदाब-ए-एहतराम= Manner/Etiquette Of Respect.
नुमाईश= Show, Display, Exhibition.
टूटी-फूटी= Broken, Shattered
चीज़= Thing
बेशक= Doubtless
सलाम-दुआ= Hi-Hello, Formality.
हुकूमत= Government, Dominion
निज़ाम= System, Order
मंज़िल-ए-मक़्सूद= Destination, The Goal, Aim
इश्क़वाले= Lovers, Love-Birds
ख़ुदा= God
इश्क़= Love

मक़ाम= Position, Place