अल्लाह
न भगवान की ज़रुरत है,
इन्सान
को इन्सान की ज़रुरत है !
दैर-ओ-हरम को बनाने से पहले,
दिलों
में ईमान की ज़रुरत है !
महज़ हिफ़्ज़ करने से कुछ नहीं होगा,
दिलों
में क़ुरआन की ज़रुरत है !
घर
को ज़रूरी नहीं हैं ज़्यादा कमरे,
हँसते
हुए दालान की ज़रुरत है !
रिश्तों
को नहीं चाहिए हीरे-मोती,
रिश्तों
को बस ध्यान की ज़रुरत है !
चहार-दीवारी में घुट रहा बचपन,
बच्चों
को मैदान की ज़रुरत है !
सवाल
उठते हैं तेरी ख़ामोशी पर,
दरिया तो तूफ़ान की ज़रुरत है !
'अल्फ़ाज़' महज़ दोस्ती
के रिश्ते में,
न
हिन्दू न मुसलमान की ज़रुरत है !
||| अल्फ़ाज़ |||
इन्सान = Human, Mankind,
मनुष्य
ज़रुरत
= Requirement,
Need, आवश्यकता
दैर-ओ-हरम
= Temple And Mosque, मंदिर-ओ-काबा
ईमान = Belief, Conscience, Faith
हिफ़्ज़ =
To Memorize, कंठस्थ
क़ुरआन
= The Holy Quran
दालान
= Verandah, Lobby
चहार-दीवारी
= Boundary
ख़ामोशी
= Silence, मौन
दरिया
= River, नदी
महज़
= Merely, Only, केवल, मात्र