बुधवार, 10 अप्रैल 2019

ज़रुरत

अल्लाह न भगवान की ज़रुरत है,
इन्सान को इन्सान की ज़रुरत है !

दैर-ओ-हरम को बनाने से पहले,
दिलों में ईमान की ज़रुरत है !

महज़ हिफ़्ज़ करने से कुछ नहीं होगा,
दिलों में क़ुरआन की ज़रुरत है !

घर को ज़रूरी नहीं हैं ज़्यादा कमरे,
हँसते हुए दालान की ज़रुरत है !

रिश्तों को नहीं चाहिए हीरे-मोती,
रिश्तों को बस ध्यान की ज़रुरत है !

चहार-दीवारी में घुट रहा बचपन,
बच्चों को मैदान की ज़रुरत है !

सवाल उठते हैं तेरी ख़ामोशी पर,
दरिया तो तूफ़ान की ज़रुरत है !

'अल्फ़ाज़महज़ दोस्ती के रिश्ते में,
न हिन्दू न मुसलमान की ज़रुरत है !

||| अल्फ़ाज़ |||
इन्सान = Human, Mankind, मनुष्य
ज़रुरत = Requirement, Need, आवश्यकता
दैर-ओ-हरम = Temple And Mosque, मंदिर-ओ-काबा
ईमान = Belief, Conscience, Faith
हिफ़्ज़ = To Memorize, कंठस्थ
क़ुरआन = The Holy Quran
दालान = Verandah, Lobby
चहार-दीवारी = Boundary
ख़ामोशी = Silence, मौन 
दरिया = River, नदी
महज़ = Merely, Only, केवल, मात्र


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