सच
की कोई भी ऐसी दवाई नहीं,
मयकशी में कोई भी बुराई नहीं !
ज़्यादा
अच्छा भी होना है होता बुरा,
कुछ
बुराई में कोई बुराई नहीं !
ठोकरों, तजरबे, और कुछ एक सबक़,
और
कुछ उम्र भर की कमाई नहीं !
सर्दियों
का सितम उनसे पूछो जहाँ,
है अलाव नहीं, है रज़ाई नहीं !
ये
जो है अजनबी, ये था
कहता कभी,
मौत मंज़ूर है पर जुदाई नहीं !
जाते-जाते
वो मेरी हंसी ले गया,
ज़िन्दगी
फ़िर कभी मुस्कुराई नहीं !
तेरे
बिन ज़िन्दगी कश्मकश में कटी,
जिंदा
रह न सके, मौत आई
नहीं !
वो
ग़ज़ल जिसको 'अल्फ़ाज़' मिल न सके,
रोज़
सोचा किए, पर सुनाई
नहीं !
||| अल्फ़ाज़ |||
मयकशी
= Boozing, मदिरापान
तजरबे
= Experiences, अनुभव
सबक़ = Lesson, पाठ, सीख
सितम = Oppression, Outrage, Injustice, Tyranny, अत्याचार
अलाव
= Bonfire, Campfire
रज़ाई
= Quilt
मंज़ूर = Admired, Accepted, स्वीकार
कश्मकश
= Struggle, Wrangle,
Tussle, खेंच-तान, संघर्ष
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