daanv लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
daanv लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

आम चुनाव

मंदिर-मस्जिद पे दांव है,
शायद फ़िर आम चुनाव है !

जितना दिखता है ख़बरों में,
उतना भी कहाँ तनाव है !

फ़िर क़र्ज़ों की माफ़ी होगी,
फ़िर से ख़बरों में गाँव है !

बस धुआँ हैआग नहीं होगी,
कच्ची लकड़ी का अलाव है !

बस सूँघोखा न पाओगे,
वादों का ख़याली पुलाव है !

फ़िर अच्छे कल की बातें हैं,
फ़िर से काग़ज़ की नाव है !

'अल्फ़ाज़तू सच क्यूँ कहता है,
अब झूठ को मिलता भाव है !

||| अल्फ़ाज़ |||

दांव = Gamble
आम चुनाव = General Elections
तनाव = Tension
क़र्ज़ माफ़ी = Loan Waiving
अलाव = Bonfire, Campfire
ख़याली-पुलाव = Daydreaming, Building A Castle In The Air
भाव = Rate, Price

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

दिल !

आज दांव पर लगा के बैठा है अपनी हस्ती,
चराग़-ए-दिल तूफ़ान से लड़ना चाहता है !
एक तेरी ज़िद की मैं ज़िद करना छोड़ दूँ,
एक मेरा जूनून की और बढ़ना चाहता है !

तेरी तलाश में तेरा ही सफ़र करता हूँ मैं,
तू रोकना चाहता है मगर दिल बढ़ना चाहता है !
अजब सा नशा है मुझको तेरी सोहबत का,
तू जितना उतारना चाहता है, ये उतना चढ़ना चाहता है !

तेरी ज़िद लिए बैठा है किसी बच्चे की तरह,
दिल चाँद को हाथों से पकड़ना चाहता है !
दिल बहुत निभा चुका है रिवायतें ज़माने की  ,
दिल आज तो अपनी ज़िद पर अड़ना चाहता है !

एक राज़ छुपा रखा है मैंने दिल में,
आज लिख देता हूँ जो तू पढ़ना चाहता है !
तू तो इश्क़ को गुनाह कहता है 'फ़राज़',
और देख, दिल तेरा सूली चढ़ना चाहता है !

|||फ़राज़|||

हस्ती= Existence, Life
तूफ़ान= Storm
ज़िद= Insistence.
जूनून= Madness, Frenzy, Lunacy
अजब= Strange.
सोहबत= Company.
रिवायतें= Traditions, 
गुनाह= Sin, Crime.
सूली= Gallows, Gibbet.