tanaav लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
tanaav लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

आम चुनाव

मंदिर-मस्जिद पे दांव है,
शायद फ़िर आम चुनाव है !

जितना दिखता है ख़बरों में,
उतना भी कहाँ तनाव है !

फ़िर क़र्ज़ों की माफ़ी होगी,
फ़िर से ख़बरों में गाँव है !

बस धुआँ हैआग नहीं होगी,
कच्ची लकड़ी का अलाव है !

बस सूँघोखा न पाओगे,
वादों का ख़याली पुलाव है !

फ़िर अच्छे कल की बातें हैं,
फ़िर से काग़ज़ की नाव है !

'अल्फ़ाज़तू सच क्यूँ कहता है,
अब झूठ को मिलता भाव है !

||| अल्फ़ाज़ |||

दांव = Gamble
आम चुनाव = General Elections
तनाव = Tension
क़र्ज़ माफ़ी = Loan Waiving
अलाव = Bonfire, Campfire
ख़याली-पुलाव = Daydreaming, Building A Castle In The Air
भाव = Rate, Price