ख़ुद से जीत जाता हूँ,
जब ख़ुद से जंग करता हूँ !
आसमान छू लेता हूँ,
जब मन पतंग करता हूँ !
रंग नया बन जाता हूँ,
जब ख़ुद को बेरंग करता हूँ !
रंग नया बन जाता हूँ,
जब ख़ुद को बेरंग करता हूँ !
बे-ज़रूरत सा हो जाता हूँ,
जब मन मलंग करता हूँ !
लिख के अपनी ही हक़ीक़त,
ख़ुद को ही दंग करता हूँ !
एक-तरफ़ा इश्क़ में 'फ़राज़'
ख़ुद को ही तंग करता हूँ !
||| फ़राज़ |||
एक-तरफ़ा इश्क़ में 'फ़राज़'
ख़ुद को ही तंग करता हूँ !
||| फ़राज़ |||
जंग= Battle, War
बेरंग= Colorless
बे-ज़रूरत= Without The Need
मलंग= Nomad, Dervish
हक़ीक़त= Reality
दंग= Wonder
एक-तरफ़ा= One-Sided
तंग= Distress, Trouble