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सोमवार, 3 दिसंबर 2018

ख़बर

हक़ माँगने की छूट इस सरकार में नहीं,
सुनो ख़बर जो आज के अख़बार में नहीं !

रखता है पड़ोसी की ख़बर कौन आजकल,
अब खिड़कियाँ पड़ोस की दीवार में नहीं !

होने लगी है अब तो तिजारत ज़मीर की,
ईमानदारी आजकल बाज़ार में नहीं !

यारों ने जो दिया मुझे वो बे-ग़रज़ दिया,
यारी में जो सुकून है वो प्यार में नहीं !

फ़िर बीत गया जैसे कभी आया ही न था,
फ़ुर्सत का एक पल भी अब इतवार में नहीं !

वो हँस दिए तो घुल गई फ़ज़ा में मौसिक़ी,
ऐसी छनक पायल की भी झंकार में नहीं !

नख़रा-ओ-नाज़हुस्नझिझकशर्म-ओ-हया,
है कौन सी अदा जो मेरे यार में नहीं !

खोना है अगर चैन तो फ़िर दिल लगाइए,
है जो मज़ा तड़प में वो क़रार में नहीं !

'अल्फ़ाज़अपने हुनर को पहचान तो सही,
जो मार है कलम में वो हथियार में नहीं !

||| अल्फ़ाज़ |||

हक़ (Haq) = Right
तिजारत (Tijarat) = Trade, Business
ज़मीर (Zameer) = Conscience
बे-ग़रज़ (Be-Garaz) = Selfless, Without Any Interest
सुकून (Sukoon) = Peace, Rest, Tranquility
फ़ुर्सत (Fursat) = Leisure, Freedom,
फ़ज़ा (Fazaa) = Width, Spaciousness, Extensiveness
मौसिक़ी (Mausiqi) = Music
नखरा-ओ-नाज़ (Nakhra-O-Naaz) = Tantrum And Pride/Grace
हुस्न (Husn) = Beauty, Elegance, Comeliness
झिझक (Jhijhak) = Hesitation
शर्म-ओ-हया (Sharm-O-Haya) = Bashfulness, Shyness
क़रार (Qaraar) = Ease/Agreement / Tranquility

गुरुवार, 23 अगस्त 2018

नज़रिया !!!


हर पल जुनूँ में बे-क़रारी रखना,
ख़ुद से ख़ुद की जंग जारी रखना !

ज़िन्दगी तरह-तरह से आज़माएगी,
तुम भी हर क़िस्म की तैयारी रखना !

दस्तूर ही सही, बेवफ़ाई तो बेईमानी है,
तुम अपने हिस्से की ईमानदारी रखना !

जब कभी इम्तिहान तेरे किरदार का हो,
सबसे आगे तू अपनी ख़ुद्दारी रखना !

हर मील के पत्थर पे मैं ये लिख आया हूँ,
मंज़िल अनक़रीब हैसफ़र जारी रखना !

कुछ देना हो तो बे-ग़रज़ हो के देना,
शजर की तरह कोई ज़िम्मेदारी रखना !

'फ़राज़' ये दौर ही मुनाफ़ाख़ोरी का है,
तू भी अपना नज़रिया बाज़ारी रखना !

||| फ़राज़ |||

जुनूँ= Frenzy, Infatuation

बे-क़रारी= Unease, Excitement
क़िस्म= Kind, Variety
दस्तूर= Custom
बेईमानी= Dishonesty
इम्तिहान= Test, Exam
किरदार= Character, Conduct
ख़ुद्दारी= Self-Respect
मील के पत्थर= Mile-Stone
अनक़रीब= Soon, Shortly
सफ़र= Journey
बे-ग़रज़= Selfless
शजर= Tree
ज़िम्मेदारी= Responsibility
मुनाफ़ाख़ोरी= Profiteering
नज़रिया= Attitude, Viewpoint, Vantage-Point, Ideology
बाज़ारी= Marketeering