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मंगलवार, 25 दिसंबर 2018

दिल-ए-नाशाद

दिल-ए-नाशाद को यूँ शाद रखिये,
कुछ भूल जाइयेकुछ याद रखिये !

मंज़ूर न हो किसीकी ग़ुलामी करना,
तो ख़ुद को नफ़्स से आज़ाद रखिये !

जाने किस पल क़ुबूलियत हो जाए,
लबों पे मुसलसल फ़रियाद रखिये !

मुक़ाबला
 जब ज़िन्दगी से करना हो,
तो अपने इरादों को फ़ौलाद रखिये !

इसी ना-समझी में वो और याद आता है,
कि उसे भूल जाना हैये याद रखिये !

क्यूँ न एक ही घर हो सबकी इबादत का,
बिना दीवारों के घर की बुनियाद रखिये !

'अल्फ़ाज़' ये ज़माना अपने मन की कहेगा,
ज़िन्दगी में आईनों को उस्ताद रखिये !

||| अल्फ़ाज़ |||

दिल-ए-नाशाद= Disappointing Heart
शाद= Happy, Glad
मंज़ूर= Accept
ग़ुलामी= Slavery
नफ़्स= It Is An Arabic Word Occurring In The Quran, Literally Meaning "Self", And Has Been Translated As "Psyche", "Ego" Or "Soul"
क़ुबूलियत= Acceptance
लब= Lips
मुसलसल= Regular, Successive, Chained,
फ़रियाद= Request, Prayer, Appeal, Entreaty
मुक़ाबला= Contest, Competition
इरादा= Intention, Will, Desire
फ़ौलाद= Steel
नासमझी= Foolery, Stupidity
इबादत= Worship, Adoration, Devotion
बुनियाद= Foundation
ज़माना= The World/ Era
उस्ताद= Teacher, Instructor, Mentor

मंगलवार, 2 जनवरी 2018

दुआ !!!

'फ़राज़' अपने किसी ऐब को तू क़ज़ा कर दे,
साल नया आया है, तू भी कुछ नया कर दे !

ख़ुदारा तू हसरतें मेरी मुख़्तसर कर दे,
या फ़िर मेरी चादर को तू बड़ा कर दे !

अपनी ख़्वाहिश की ग़ुलामी करता हूँ मैं,
नफ़्स की क़ैद से तू मुझे रिहा कर दे !

मुझको चाहत नहीं फ़रिश्ता बनने की,
ख़ुदारा, मुझको तो बस तू इंसाँ कर दे !

सोचता हूँ कि शायद कोई शोरफ़ा न रहे,
गर ख़ुदा दीवारों को लब-कुशा कर दे !

बातिन का कोई इल्म तो नहीं है मुझको,
या मुझे ख़्वाब न दे, या ताबीरदां कर दे !

तेरे लहू की तासीर भी ज़माना देखेगा,
अपने हुनर को तू रगों में रवां कर दे !

कभी ग़ालिब ने लिखा, अब 'फ़राज़' लिखता है
इश्क़ इतना न कीजिये, जो निकम्मा कर दे !

||| फ़राज़ |||

क़ज़ा= Death.
ऐब= Defect, Vice, Imperfection.
हसरत= Desire.
मुख़्तसर= Brief, Concise.
ख़्वाहिश= Wish, Desire, Will.
ग़ुलामी= Slavery, Servitude,
नफ़्स= Soul, Spirit, Self.
फ़रिश्ता= Angel
इंसाँ= Human.
शोरफ़ा= Gentlemen, Noble.
लब-कुशा= Opened lip, One who can speak.
बातिन= Concealed, Covert, Unapparent.
इल्म= Knowledge
ताबीरदां= One who interprets the dream.
लहू= Blood.
तासीर= Effect, Influence, Impression.
रग= Vein, Artery, Nerve.
रवां= Moving, Active, Life.