शनिवार, 2 मार्च 2019

दुआ

ज़िन्दगी की किसीको दुआ दीजिये,
क़ैद में हों परिंदेउड़ा दीजिये !

माफ़ कर दें तो बे-शक बड़े आप हैं,
दुश्मनों को भी कोई दुआ दीजिये !

हूँ नशे में नसीहत नहीं कीजिये,
होश आये जो चाहे सज़ा दीजिये !

आप दिल से जो देंहमको मंज़ूर है,
न दुआ दे सकेंबद्दुआ दीजिये !

हमको अच्छों का अच्छा नहीं तजरबा,
हमको हमसा ही कोई बुरा दीजिये !

पहले 'अल्फ़ाज़को पढ़ तो लीजे ज़रा,
उसके बारे में फिर फ़ैसला दीजिये !

||| अल्फ़ाज़ |||

बे-शक = Doubtlessly, निसंदेह
नसीहत = Advice, Counsel, सदुपदेश, सीख, अच्छी सलाह,
होश = Sense, चेतना
मंज़ूर = Admired, Accepted, स्वीकार
बद्दुआ = Curse, श्राप
तजरबा = Experience, अनुभव
फ़ैसला = Decision, निर्णय

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