सख्त़ धूप में जब मेरा सफ़र हो गया,
कच्ची मिट्टी सा था, मैं पत्थर हो गया !
चोट सहने का हुनर भी सीखा मैंने,
ख़ुद को तराशा तो मैं संगमरमर हो गया !
ऐ ठोकरों सुनो, तुम्हारा शुक्रगुज़ार हूँ मैं,
गिरते सँभालते मैं भी रहबर हो गया !
एक तू मिल गया तो कई गुना सा हूँ,
एक तू नहीं तो मैं तन्हा सिफ़र हो गया !
शहर में मैंने जब घर ख़रीद लिया,
अपना सा ये सारा शहर हो गया !
आज माँ को फ़िर हंसाया मैंने,
नूर ही नूर मेरा सारा घर हो गया !
क़त्ल आज मैंने अपना माफ़ किया,
अपने क़ातिल पर मैं ज़बर हो गया !
तेरे दुश्मन की दाद तुझे हासिल है,
कामिल 'फ़राज़' तेरा हुनर हो गया !
|||फ़राज़|||
तराशा= chiselled
शुक्रगुज़ार=Thankful.Grateful.
रहबर= Guide,
सिफ़र= Zero.Naught.
नूर=Light, Splendour.
क़त्ल= Murder.
क़ातिल= Murderer.
ज़बर= Superior, Greater
दाद= Words of praise.
कामिल= Perfect, Complete, Accomplished, Entire.
कच्ची मिट्टी सा था, मैं पत्थर हो गया !
चोट सहने का हुनर भी सीखा मैंने,
ख़ुद को तराशा तो मैं संगमरमर हो गया !
ऐ ठोकरों सुनो, तुम्हारा शुक्रगुज़ार हूँ मैं,
गिरते सँभालते मैं भी रहबर हो गया !
एक तू मिल गया तो कई गुना सा हूँ,
एक तू नहीं तो मैं तन्हा सिफ़र हो गया !
शहर में मैंने जब घर ख़रीद लिया,
अपना सा ये सारा शहर हो गया !
आज माँ को फ़िर हंसाया मैंने,
नूर ही नूर मेरा सारा घर हो गया !
क़त्ल आज मैंने अपना माफ़ किया,
अपने क़ातिल पर मैं ज़बर हो गया !
तेरे दुश्मन की दाद तुझे हासिल है,
कामिल 'फ़राज़' तेरा हुनर हो गया !
|||फ़राज़|||
तराशा= chiselled
शुक्रगुज़ार=Thankful.Grateful.
रहबर= Guide,
सिफ़र= Zero.Naught.
नूर=Light, Splendour.
क़त्ल= Murder.
क़ातिल= Murderer.
ज़बर= Superior, Greater
दाद= Words of praise.
कामिल= Perfect, Complete, Accomplished, Entire.