तेरी कारसाज़ियों की सुनकर ख़बर आया हूँ,
ख़ुद की तलाश में आज मैं तेरे दर आया हूँ !
मुझको नहीं ख़्वाहिश तेरे दो जहान की,
आशियाने की तलाश में दर-ब-दर आया हूँ !
आज फ़िर दिल ने जो मयक़शी करना चाही,
रिंद बनकर आज फिर मैं तेरे दर आया हूँ !
तेरा अक्स भरम सा था नख़लिस्तान में,
ग़फ़लत में भटक कर मैं रहगुज़र आया हूँ !
तस्कीन शिफ़ा बनकर तेरी आँखों में रहती है,
अपनी आँखों से ख़ुद मैं पढ़ने ये खबर आया हूँ !
ये तो दिल है जो अपनी दवा ख़ुद ढूंढ लेता है,
मैं तेरी जानिब महज़ दिल की ज़िद पर आया हूँ !
अब क्या चढ़ाएगा कोई रंग ज़माना मुझपर,
रंगरेज़ के लबों को मैं लबों से छूकर आया हूँ !
सिर्फ सूरतें ही नहीं 'फ़राज़', सीरतें भी बदल गई ,
तू भी अधूरा आया, मैं भी मुख़्तसर आया हूँ !
|||फ़राज़|||
कारसाज़ी= Workmanship.
रिंद=Drankard.
नख़लिस्तान=Oasis
ग़फ़लत=Neglence.
तस्कीन= Comfort, Console.
शिफ़ा= Healing, Cure.
महज़= Only.
रंगरेज़= Dyre
जानिब= Towards.
मुख़्तसर= Concise, Insignificant, Abbreviated.
ख़ुद की तलाश में आज मैं तेरे दर आया हूँ !
मुझको नहीं ख़्वाहिश तेरे दो जहान की,
आशियाने की तलाश में दर-ब-दर आया हूँ !
आज फ़िर दिल ने जो मयक़शी करना चाही,
रिंद बनकर आज फिर मैं तेरे दर आया हूँ !
तेरा अक्स भरम सा था नख़लिस्तान में,
ग़फ़लत में भटक कर मैं रहगुज़र आया हूँ !
तस्कीन शिफ़ा बनकर तेरी आँखों में रहती है,
अपनी आँखों से ख़ुद मैं पढ़ने ये खबर आया हूँ !
ये तो दिल है जो अपनी दवा ख़ुद ढूंढ लेता है,
मैं तेरी जानिब महज़ दिल की ज़िद पर आया हूँ !
अब क्या चढ़ाएगा कोई रंग ज़माना मुझपर,
रंगरेज़ के लबों को मैं लबों से छूकर आया हूँ !
सिर्फ सूरतें ही नहीं 'फ़राज़', सीरतें भी बदल गई ,
तू भी अधूरा आया, मैं भी मुख़्तसर आया हूँ !
|||फ़राज़|||
कारसाज़ी= Workmanship.
रिंद=Drankard.
नख़लिस्तान=Oasis
ग़फ़लत=Neglence.
तस्कीन= Comfort, Console.
शिफ़ा= Healing, Cure.
महज़= Only.
रंगरेज़= Dyre
जानिब= Towards.
मुख़्तसर= Concise, Insignificant, Abbreviated.
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