शुक्रवार, 18 अगस्त 2017

नसीहत !!!

वो लूट लेता है दिल के अमीरों को,
धड़कनों के ख़र्च में किफ़ायत रखना !

बड़ी बेबाक़ियाँ हैं उन दो निगाहों में,
दिल-ए-नादाँ की ज़रा हिफाज़त रखना !

नज़र तो नज़र है, बदल भी सकती है,
उधार के ख़्वाबों की न हसरत रखना !

कोई लौटा नहीं कभी इश्क़ की राहों से,
हुस्न वालों से तू न कोई रग़बत रखना !

आग के दरिया में उतरने वाले सुन ले,
याद तू दानिश्वरों की नसीहत रखना !

हर मोड़ पर घेर लेंगे तुझे इल्ज़ामदराज़,
उसकी गलियों से न कोई सोहबत रखना !

|||फ़राज़|||

किफ़ायत= Parsimony
बेबाक़ियाँ= Boldness
रग़बत= Inclination, Wish, Interest
दानिश्वर= Learned, Wise, Sagacious.
इल्ज़ामदराज़= Blamers.










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