न कर तक़ब्बुर अपनी शोहरत पर ऐ ग़ाफ़िल
लोग तो लोग हैं, पत्थर को भी ख़ुदा कर देते हैं !
तकब्बुर (تکبر) = pride, arrogance, insolence, haughtiness
शोहरत (شہرت) = Renown, fame, rumour
ग़ाफ़िल (غافل) = negligent, neglectful
||| फ़राज़ |||
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l
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