रविवार, 16 अप्रैल 2017

दूरियां !!!

हमक़दम हमदर्द भी हो ये लाज़मी तो नहीं..
दूरियां संवार देती हैं रिश्ते अक्सर !!!

||| फ़राज़ |||

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें