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मंगलवार, 26 मार्च 2019

मौसम-ए-बहार

ख़बरें तो हैं पुरानीइश्तिहार है नया,
तारीख़ पढ़ के जानाअख़बार है नया !

तफ़सील हर सितम की फ़िर से बताइए
एक दर्द पुराने का ग़मख़्वार है नया !

शायद में कहानी में मोड़ आएगा,
फ़िर मेरी दास्ताँ में किरदार नया है !

जो चाहे अपने दिल की क़ीमत वसूलिये,
सामान है पुरानाख़रीदार है नया ! !

दिल से लगे हो उनकी जाँ पे नहीं बने,
ज़्यादा न रूठिए अभी वो यार है नया !

मेरी तड़प में उनको कितना
 क़रार है,
हर बार उन लबों पे इंकार है नया ! !

'अल्फ़ाज़वो आते हैंजी भर के देखिये,
आँखों की रुत में मौसम-ए-बहार है नया !

||| अल्फ़ाज़ |||

ख़बर = News, Information, समाचार, संदेश
इश्तिहार = Advertisement, विज्ञापन,
तारीख़ = Date, दिनांक, तिथि
अख़बार = Newspaper, समाचारपत्र
तफ़सील = Analysis, Detail, Particulars, विवरण
सितम = Oppression, Outrage, Injustice, Tyranny, अत्याचार
ग़मख़्वार = Consoler, Sympathizer, Comforter
दास्ताँ = Story, Tale, कथा
किरदार = Character, चरित्र
क़ीमत = Price, Value, मूल्य
ख़रीदार = Purchaser, Buyer, ग्राहक
जाँ= Life, जीवन
यार = Beloved, Friend,
क़रार =  Peace, Tranquility, आराम
लब = Lips, होंठ, अधर
इंकार = Denial, Refusal, अस्वीकार 
रुत = Season, Weather, मौसम
मौसम-ए-बहार = Spring Season, बसंत ऋतु