मेहरबानियाँ उजालों की है जिस्म की रंगत,
अँधेरे कभी रंगतों पर रिआ'यत नहीं करते !
देखते सबकुछ हैं मगर ख़ामोश रहते हैं,
अँधेरे गुनाहों की शिक़ायत नहीं करते !
अस्ल किरदार होते हैं अंधेरों में वो लोग अक्सर,
उजालों में जो लोग कभी शरारत नहीं करते !
वो क्या समझेंगे उजालों के हुस्न को,
जो लोग अंधेरों से कभी सोहबत नहीं करते !
फ़क़त चाँद की तलब में हर शब् चले आते हैं,
ये अँधेरे किसी शम्स की हसरत नहीं करते !
लगता है अँधेरा कोई उनके भी दिल में है,
उजालों से आजकल वो मिल्लत नहीं करते !
||| फ़राज़ |||
||| फ़राज़ |||
मेहरबानियाँ= Kindness
रंगत = colour.
रिआ'यत= Concession
शिक़ायत= Complaint
रंगत = colour.
रिआ'यत= Concession
शिक़ायत= Complaint
अस्ल= Real
किरदार= Character
शरारत= Mischief
हुस्न= Beauty
सोहबत= Company, Association
किरदार= Character
शरारत= Mischief
हुस्न= Beauty
सोहबत= Company, Association
फ़क़त= Only, Merely
तलब= Desire, Urge
शब्= Night
शम्स= The Sun
हसरत= Desire
मिल्लत= Meeting
तलब= Desire, Urge
शब्= Night
शम्स= The Sun
हसरत= Desire
मिल्लत= Meeting