फ़िर आज उसने दुआ की है शायद,
ज़िन्दगी फ़िर शादमां सी लगती है !
पलकें झपककर उसने हर बात कह दी,
रंजिशें आज सब बेवजह सी लगती हैं !
तुझसे ही मुक़म्मल है हर सफ़र मेरा,
तू है वाहिद, पर कारवां सी लगती है !
जब से गुज़रा है तू मेरी गलियों से,
मुझको ये ज़मीं कहकशां सी लगती है !
बड़े एहतराम से सोचा कर उसको ऐ दिल,
उसकी आँखें मुक़म्मल दुआ सी लगती हैं !
||| फ़राज़ |||
शादमां= Happy
रंजिशें= Hostility, Ill-Will
मुक़म्मल= Complete
वाहिद= Single, Lone, One
कहकशां= The Galaxy, The Milkyway
एहतराम= Respect, Honor.
शादमां= Happy
रंजिशें= Hostility, Ill-Will
मुक़म्मल= Complete
वाहिद= Single, Lone, One
कहकशां= The Galaxy, The Milkyway
एहतराम= Respect, Honor.