मन के हर कोने में
मन ढूंढता है अपना कोना
मिलता है लेकिन
एक शोर, एक हुजूम
सबको तलाश है सुकून की
फिर भी तलाशते हैं
शोर में !
||| फ़राज़ |||
हुजूम= Mob, Crowd, Throng.
||| फ़राज़ |||
हुजूम= Mob, Crowd, Throng.
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l
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