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सोमवार, 14 जनवरी 2019

चश्म-ए-नम

प्यार है एक वहम तो वहम ही सही,
ज़्यादा न भी मिले, थोड़ा कम ही सही !

मेरी चाहत का कुछ तो मुझे दे सिला,
 करम हो तो थोड़ा सितम ही सही !

अपने बीमार को कोई नुस्ख़ा तो दे,
न मरहम दे सके तो ज़ख़्म ही सही !

हमको सबकुछ गवारा तेरे इश्क़ में,
तू मिले न मिलेतेरा ग़म ही सही !

लिख सका न तेरा नाम अशआ' में,
तू बेवफ़ा ही सहीबे-शरम ही सही !

अब भी लगता है फ़िर से तू लौट आएगा,
ख़ुश तो हूँ मैं भले ख़ुश-फ़हम ही सही !

कुछ तो बाक़ी है दिल में मेरे आज भी,
तू नहींन सहीकुछ भरम ही सही !

दिल लगाने के 'अल्फ़ाज़' तोहफ़े हैं ये,
दर्द-ए-दिल ही सहीचश्म-ए-नम ही सही !

|||
अल्फ़ाज़ |||

वहम = Fancy, Suspicion, Fear, Imagination
सिला = Present, Gift, Reward
करम = Kindness, Favour, Grace, Generosity
सितम = Oppression, Outrage, Injustice, Tyranny
नुस्ख़ा = A Prescription
गवारा = Palatable, Bearable, Acceptable, Tolerable
अशआ'र = Couplets
बेवफ़ा = Faithless, Treacherous, Inconstant
बेशरम = Shameless, Immodest, Impudent
ख़ुश-फ़हम = One Who Looks At The Bright Side Of Things, Optimist, Fanciful
भरम = Confusion
दर्द-ए-दिल = Heart's Grief, Heart-Ache, Grief, Sorrow, Anguish
चश्म-ए-नम = Wet Eye