ख़ुदारा और क्या माँगूँ, तेरी मुझपर इनायत है,
कि
मेरे साथ माँ भी है, और माँ की दुआ भी है !
||| अल्फ़ाज़ |||
ख़ुदारा=
Oh God
इनायत= Favor, Kindness
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l
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