हालात हमपे आये तो रिश्ता बदल लिया,
लोगों
ने हमको देख के रास्ता बदल लिया !
करता
है इस तरह से तस्कीन वो अना की,
गुस्सा
के उसने अपना शीशा बदल लिया !
एक
उम्र तक जिन्होंने देखे थे ख़्वाब मेरे,
सुनते
हैं उन आँखों से सपना बदल लिया !
मुद्दत से दिल पे कोई दस्तक नहीं हुई,
शायद किराएदार ने कमरा बदल लिया !
मिलने
का एक बहाना हर बार मिल गया था,
अफ़्तारी के बहाने परचा बदल लिया !
वाकिफ़ हूँ तिश्नगी से
उन बेवफ़ा लबों की,
जिस मयकदे ने अपना तिश्ना बदल लिया !
इक
पल ख़याल मेरा आया ज़रूर होगा,
खिड़की
का उसने देखो परदा बदल लिया !
किरदार की हक़ीक़त छुपती
नहीं छुपाए,
वैसे
तो सज-संवर के चेहरा बदल लिया !
सच
कहने सहूलत है सिर्फ़ पागलों को,
'अल्फ़ाज़' ने भी अपना हुलिया बदल लिया !
||| अल्फ़ाज़ |||
हालात
= State, Condition, ‘हालत' का बहुवचन, दशाएँ।
तस्कीन
= Consolation, Comfort, सान्त्वना, आराम।
अना
= Self, Ego, अहम
शीशा
= Mirror, दर्पण
मुद्दत
= A Length Of Time, Duration, बहुत समय
दस्तक
= Knocking At The Door, खटखटाना,
किराएदार
= Tenant
अफ़्तारी
= Things Proper To Be Eaten In
Breaking A Fast Of The Holy Ramadan.
परचा
= Letter, पत्र, सन्देश
वाकिफ़
= Acquainted With, Aware Of, Informed, जानकार
तिश्नगी
= Thirst, Desire, Longing, प्यास, तृष्णा
बेवफ़ा
= Faithless, Treacherous,
लब
= Lips, होंठ, अधर
मयकदा
= Bar, Tavern, मधुशाला
तिश्ना
= Thirsty, Insatiable, प्यासा, तृषित,
ख़याल
= Thought, Imagination, कल्पना, विचार,
परदा
= Screen, Veil,
किरदार
= Character, चरित्र
हक़ीक़त
= Reality, वास्तविकता
सहूलत
= Ease, Facility, सुविधा
हुलिया
= Appearance, रूप