paagal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
paagal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 15 मार्च 2019

हालात

हालात हमपे आये तो रिश्ता बदल लिया,
लोगों ने हमको देख के रास्ता बदल लिया !

करता है इस तरह से तस्कीन वो अना की,
गुस्सा के उसने अपना शीशा बदल लिया !

एक उम्र तक जिन्होंने देखे थे ख़्वाब मेरे,
सुनते हैं उन आँखों से सपना बदल लिया !

मुद्दत से दिल पे कोई दस्तक नहीं हुई,
शायद किराएदार ने कमरा बदल लिया !

मिलने का एक बहाना हर बार मिल गया था,
अफ़्तारी के बहाने परचा बदल लिया !

वाकिफ़ हूँ तिश्नगी से उन बेवफ़ा लबों की,
जिस मयकदे ने अपना तिश्ना बदल लिया !

इक पल ख़याल मेरा आया ज़रूर होगा,
खिड़की का उसने देखो परदा बदल लिया !

किरदार की हक़ीक़त छुपती नहीं छुपाए,
वैसे तो सज-संवर के चेहरा बदल लिया !

सच कहने सहूलत है सिर्फ़ पागलों को,
'अल्फ़ाज़ने भी अपना हुलिया बदल लिया !

||| अल्फ़ाज़ |||

हालात = State, Condition, ‘हालत' का बहुवचन, दशाएँ।
तस्कीन = Consolation, Comfort, सान्त्वना, आराम।
अना = Self, Ego, अहम
शीशा = Mirror, दर्पण 
मुद्दत = A Length Of Time, Duration, बहुत समय
दस्तक = Knocking At The Door, खटखटाना
किराएदार = Tenant
अफ़्तारी = Things Proper To Be Eaten In Breaking A Fast Of The Holy Ramadan.
परचा = Letter, पत्र, सन्देश
वाकिफ़ = Acquainted With, Aware Of, Informed, जानकार
तिश्नगी = Thirst, Desire, Longing, प्यास, तृष्णा
बेवफ़ा  = Faithless, Treacherous, 
लब = Lips, होंठ, अधर
मयकदा = Bar, Tavern, मधुशाला
तिश्ना = Thirsty, Insatiable, प्यासा, तृषित
ख़याल = Thought, Imagination, कल्पना, विचार,
परदा =  Screen, Veil,
किरदार = Character, चरित्र
हक़ीक़त = Reality, वास्तविकता
सहूलत = Ease, Facility, सुविधा
हुलिया = Appearance, रूप