देखते हैं तुमको तो देखा करते हैं,
हम न जाने क्यूँ ऐसा करते हैं!
इश्क़ करते हैं हम बेहद तुमसे,
ये न पूछो कि कितना करते हैं!
हमने सोचा कि वो हमारा है,
हम तो यूँही सोचा करते हैं!
वो अब किसी और घर में रहता है,
आप छत पे क्यूँ टहला करते हैं!
इस क़मीज़ में तुम्हारी यादें हैं,
इसे सलीक़े से पहना करते हैं!
चलो माँ के क़दमों को चूमें,
चलो जन्नत का बोसा करते हैं!
देखते हैं किससे सामना होगा,
चलो आज अपना पीछा
करते हैं!
जाने कैसे ख़ुद भूख से मर जाते हैं,
वो लोग जो अनाज पैदा करते हैं!
वो जो ‘अल्फ़ाज़’ करे तो बुराई है,
आप करते हैं तो अच्छा करते हैं!
||| अल्फ़ाज़ |||
बेहद = असीमित, Unlimited, Limitless
क़मीज़ = Shirt
सलीक़ा = ढंग, तमीज़,
Manner
बोसा = चुम्बन, Kiss
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