गुरुवार, 6 जुलाई 2017

मज़दूर!!!

ये बरसती बारिशें सबको अच्छी नहीं लगती ऐ दोस्त..
काम के लिए तरसते देखा है मैंने बरसात में मज़दूरों को...

||| फ़राज़ |||

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