दम है तो छीन ले तू ज़माने से,
हक़ नहीं मिलता है जताने से !
ख़ुद का सामना वो कैसे करेंगे,
वो
जो डर गए हैं ज़माने से !
वो वादा-फ़रामोश है मुनाफ़े में,
हम ख़सारे में हैं निभाने से !
ये क्या कि तूने बेवफ़ाई कर दी,
चला
जाता किसी और बहाने से !
तुझे
भूलने की कोशिश मैं नहीं करता,
ये
आग और जलती है बुझाने से !
उम्मीद इस क़दर ख़त्म हुई जैसे,
कोई मिट्टी लग गई हो ठिकाने से !
मुझे दाग़ समझ या निशान मगर,
'फ़राज़' मिटेगा
नहीं तेरे मिटाने से !
||| फ़राज़ |||
हक़= Right
ज़माना= Time,
World, Era
वादा-फ़रामोश= Promise Forgetter/Breaker
मुनाफ़ा= Profit
ख़सारा= Loss
बेवफ़ाई= Faithlessness, Treachery
उम्मीद= Hope
क़दर= Amount
मिट्टी= Burial, Mud
दाग़= Spot, Blame, Scar, Freckle
निशान= Mark, Impression
निशान= Mark, Impression