शनिवार, 1 अप्रैल 2023

बे-दख़्ल


जन्नत से बे-दख़ल* हूँ,

आदम की मैं नसल* हूँ!

 

शैताँ* ने बीज बोया,

मैं काटता फ़सल* हूँ!

 

करता हूँ मैं ख़ताएँ,

इंसान दरअसल* हूँ!

 

उलझा हूँ ख़ुद से जितना,

उतना हुआ मैं हल हूँ!

 

मैं ध्यान में रहूँगा,

माना कि मैं ख़लल* हूँ!

 

माहौल से मुझे क्या,

कीचड़ का मैं कमल हूँ!

 

इल्ज़ाम मैं किये दूँ,

अपने किये का फल हूँ!

 

हर दिल का आईना हूँ,

‘अल्फ़ाज़’ की ग़ज़ल हूँ!

||| अल्फ़ाज़ |||

 

बेदख़ल (बे-दख़्ल)  =  निर्वासित, Exiled

नसल (नस्ल) = वंशज, Lineage

शैताँ = शैतान, दुष्ट, Satan

फ़सल (फ़स्ल) = उपज, खेती, Crop, Harvest

दरअसल (दर-अस्ल) = वस्तुतः, वास्तव में, Actually

ख़लल = बाधा, Interruption

माहौल = परिवेश, परिस्थिति, Surroundings, Environment. 

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