वालिद के जैसा बन
जाऊँगा,
उस दिन मैं
फ़रिश्ता बन जाऊँगा !
||| अल्फ़ाज़
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वालिद = Father, पिता
फ़रिश्ता = An Angel, देवदूत
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l