शुक्रवार, 14 जुलाई 2023

दिल के यार

जो दिल के यार होते हैं,

वो बस दो-चार होते हैं!

 

ख़बर आती नहीं कोई,

मगर अख़बार होते हैं!

 

नज़र में इश्क़ न हो तो,

कहाँ दीदार होते हैं!

 

पलक उसने झुकाई है,

चलो तैयार होते हैं!

 

रूपए की एक सिफ़’अत है,

रूपए दरकार होते हैं!

 

तरीक़ा दूसरा सोचो,

तरीक़े चार होते हैं!

 

मेरे ‘अल्फ़ाज़ जिंदा हैं,

ये बा-किरदार होते हैं!

||| अल्फ़ाज़ |||

 

सिफ़अत (Sif’at) = Quality, Attribute विशेषता, गुण

दरकार (Darkaar) = Required.आवश्यक, अपेक्षित

 

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