शुक्रवार, 23 जून 2023

हुस्न और इश्क़

दिल का आँखों को ये मशवरा देखिए,

देखकर आपको और क्या देखिए!

 

रु-ब-रु एक सरापा पस-ओ-पेश है,

उनका चेहरा या उनकी क़बा देखिए!

 

अबकी बारिश में वो छत पे आए अगर,

बाग़ में मोर को नाचता देखिए!

 

शाम की सुर्ख़ियों का मज़ा और है,

उनको करके ज़रा सा ख़फ़ा देखिए!

 

देखते हैं वो ख़ुद को भला किस तरह,

आईने में उन्हें देखता देखिए!

 

ख़ुद से ही आपको इश्क़ हो जाएगा,

मेरी आँखों से मत आईना देखिए!

 

उन लबों पे जो इंकार है, झूठ है,

उनकी आँखों में उनकी रज़ा देखिए!

 

हुस्न और इश्क़ अल्फ़ाज़ मिलने को हैं,

इस क़यामत को होता हुआ देखिए!

||| अल्फ़ाज़ |||

 

रु-ब-रु (Ru-Ba-Ru) = आमने-सामने, Face To Face, In Front Of

सरापा (Sarapa) = सर से पाँव तक, सम्पूर्ण, From Head To Foot, Entire

पस-ओ-पेश (Pas-O-Pesh) = उलझन, Indecision, Hesitation

क़बा (Qaba) = वस्त्र, वेशभूषा, परिधान, Attire, Dress

इंकार (Inkaar) = खण्डन, अस्वीकार करना, Refrain, Denial, Refusal

रज़ा (Raza) = मर्ज़ी, इच्छा, Desire, Will

 

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